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VicePresidentElection2025: उपराष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी सांसदों का ‘मॉक वोटिंग’ अभ्यास, खरगे देंगे रात्रिभोज

प्रवेश कुमार पांडेय, नई दिल्ली/ लखनऊ: उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले विपक्षी सांसद सोमवार को मतदान प्रक्रिया का अभ्यास करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसी दिन शाम संसदीय सौध में विपक्षी सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया है।

मॉक मतदान और रात्रिभोज

‘इंडिया’ गठबंधन के सूत्रों ने बताया कि सोमवार को दोपहर करीब 2:30 बजे संविधान सदन (पुराना संसद भवन) के सेंट्रल हॉल में ‘मॉक वोटिंग’ कराई जाएगी। शाम 7:30 बजे खरगे सभी विपक्षी सांसदों को रात्रिभोज पर आमंत्रित करेंगे।

सीधा मुकाबला

उपराष्ट्रपति चुनाव में इस बार सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला होगा। दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। वहीं, रेड्डी तेलंगाना से हैं और उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं।

प्रक्रिया और मतगणना

निर्वाचन अधिकारी एवं राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी ने बताया कि मतदान मंगलवार 9 सितंबर को संसद भवन के कमरे संख्या एफ-101, वसुधा में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना शाम 6 बजे शुरू होगी और परिणाम उसी रात घोषित कर दिए जाएंगे।

क्या है चुनावी गणित

सत्रहवें उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (5 रिक्तियां), 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (1 रिक्ति) शामिल हैं। कुल 788 सदस्यों वाले इस मंडल में वर्तमान में 781 सदस्य मतदान के पात्र हैं।

रेड्डी के अहम फैसले

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक निर्णय दिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गठित सलवा जुडूम को असंवैधानिक करार दिया था और विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश भी दिया था।

संख्याबल के आधार पर राजग का पलड़ा भारी

संसद में राजग और समर्थक दलों के पास विपक्ष की तुलना में अधिक सांसद हैं। ऐसे में राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

विपक्ष की रणनीति: विपक्ष इसे वैचारिक लड़ाई बताकर एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहता है। मॉक वोटिंग और खरगे का रात्रिभोज इसी रणनीति का हिस्सा हैं।

राजनीतिक महत्व: उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं। इसलिए यह चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक पद की लड़ाई नहीं, बल्कि संसद में कार्य संचालन और विपक्ष-सरकार समीकरण को भी प्रभावित करेगा।

विपक्ष देना चाहता है एकजुटता का संदेश

विपक्ष अपनी मजबूती दिखाना चाहता है कि संख्याबल भले ही कम हो, लेकिन साझा विचारधारा और मुद्दों पर वह साथ खड़ा है।

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