- “Two Bangladeshi Women Arrested in Mumbai After Living Illegally for 20 Years”
Narad Varta, नारद वार्ता संवाददाता, मुंबई: महाराष्ट्र में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मीरा भायंदर वसई विरार (MBVV) पुलिस के मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ (AHTC) ने दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 20 वर्षों से बिना पासपोर्ट और वीजा के मीरा रोड इलाके में रह रही थीं।
गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर भायंदर पश्चिम के गोकुल गांव स्थित एक बिल्डिंग पर छापा मारा गया। वहां से दो बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि वे पिछले दो दशकों से अवैध रूप से मुंबई में रह रही थीं।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये महिलाएं भारत में कैसे आईं, उनकी रोजगार के साधन क्या थे और उन्हें किराए पर घर देने वाले मकान मालिकों की भूमिका क्या रही। इसके अलावा, क्या ये महिलाएं किसी अवैध गतिविधि में शामिल थीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त अभियान
महाराष्ट्र पुलिस राज्यभर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। साल 2024 में मीरा भायंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की नालासोपारा यूनिट ने 29 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 12 महिलाएं और 17 पुरुष शामिल थे। वहीं, जनवरी 2025 में 4 और बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई की गई, जिनमें 2 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं।
राज्य सरकार की पहल पर चल रही कार्रवाई
महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देशों पर यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई करना है। पुलिस द्वारा अलग-अलग जिलों में छापेमारी और रैंडम चेकिंग की जा रही है, जिसमें कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इस अभियान में स्थानीय नागरिकों का भी सहयोग मिल रहा है, जिससे कई अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की जा चुकी है।