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वैदिक मंत्रों की गूंज में ‘काल दर्पण’ का लोकार्पण

– समय-चक्र को समझने की आध्यात्मिक पहल

  • Sacred Chants Mark the Release of ‘Kaal Darpan’ Calendar, Astro Office Inaugurated in Kalyan East

प्रीती पांडेय, नारद वार्ता, कल्याण: भारतीय संस्कृति में समय को ईश्वर का स्वरूप माना गया है और उसी समय-चक्र को जनमानस तक सरल रूप में पहुंचाने के उद्देश्य से मां सावित्री ज्योतिष अनुसंधान द्वारा प्रकाशित काल दर्पण कैलेंडर का भव्य विमोचन कल्याण पूर्व में किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक वातावरण के बीच उल्हासनगर महानगर पालिका की आयुक्त मनीषा आव्हाले के करकमलों से कैलेंडर का लोकार्पण संपन्न हुआ। इसी अवसर पर काल दर्पण एस्ट्रो कार्यालय का भी विधिवत उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार और मंगलाचरण से हुई, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। मां सावित्री ज्योतिष अनुसंधान द्वारा प्रकाशित काल दर्पण कैलेंडर को पंचांग, तिथि, पर्व-त्योहार, ग्रह-नक्षत्र और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बताया गया। यह कैलेंडर धार्मिक अनुष्ठानों में मार्गदर्शन करेगा। साथ ही, आमजन के दैनिक जीवन में भी शुभ-अशुभ समय की जानकारी देने में सहायक होगा।

इस अवसर पर कैलेंडर के संपादक डॉ. बाल कृष्ण मिश्र और आदित्य नारायण मिश्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि काल दर्पण भारतीय वैदिक परंपरा, ज्योतिष शास्त्र और आधुनिक जीवन के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि इस कैलेंडर को तैयार करते समय शास्त्रीय प्रमाणिकता और जनोपयोगिता दोनों का विशेष ध्यान रखा गया है।कार्यक्रम में विधायक सुलभा गायकवाड़, समाजसेवी रमाकांत उपाध्याय, विनोद तिवारी, विजय पंडित, रामचंद्र पांडेय, विनय पांडेय, अखिलेश दुबे, शिवेंद्र पांडेय, प्रदीप दुबे, कृष्णा मिश्र, अनिल पाठक सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभी ने काल दर्पण को सनातन परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

उल्हासनगर महानगर पालिका की आयुक्त मनीषा आव्हाले ने कहा, ‘भारतीय संस्कृति में समय और संस्कार का गहरा संबंध है। काल दर्पण जैसे प्रकाशन लोगों को अपने जीवन में सकारात्मक दिशा और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। यह प्रयास सराहनीय है।

अपना पूर्वांचल महासभा के विनय पांडेय ने कहा, ‘आज जब समाज भौतिकता की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में काल दर्पण जैसे प्रकाशन आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का कार्य करते हैं। यह एक सराहनीय पहल है।’

विधायक सुलभा गायकवाड़ ने कहा कि काल दर्पण कैलेंडर भारतीय ज्योतिष और वैदिक परंपरा का सार है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि आम जनजीवन को सही समय और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। ऐसे प्रयास हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करते हैं।

समाजसेवी रमाकांत उपाध्याय ने कहा, ‘आज के आधुनिक युग में भी वैदिक ज्ञान की प्रासंगिकता बनी हुई है। काल दर्पण पंचांग और ज्योतिषीय जानकारी को सरल रूप में प्रस्तुत कर समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।’

समाजसेवी विनोद तिवारी ने कहा, ‘ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने का विज्ञान है। काल दर्पण इसी दृष्टि से एक मार्गदर्शक ग्रंथ के रूप में सामने आया है।

समाजसेवी विजय पंडित ने कहा, मां सावित्री ज्योतिष अनुसंधान का यह प्रयास सराहनीय है। काल दर्पण कैलेंडर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में समय की महत्ता को समझाने वाला उपयोगी प्रकाशन है।

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