- यात्रियों को 90 मिनट तक इंतजार
- कांजुरमार्ग में सिग्नलिंग सिस्टम ठप होने से विक्रोली-भांडुप के बीच छह रेल लाइनों पर असर; मुलुंड के युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत, घाटकोपर-विक्रोली के बीच दो शव मिलने की सूचना
प्रीती पांडेय, नारद वार्ता संवाददाता, मुंबई:
(Mumbai Local Train Disruption) मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा सोमवार को सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई। मध्य रेलवे (CR) के कांजुरमार्ग स्थित सिग्नलिंग हट में आग लगने के बाद विक्रोली और भांडुप के बीच छह रेल लाइनों पर सिग्नल काम करना बंद कर गए। इसके चलते मेन लाइन की 60 और हार्बर लाइन की 20, कुल 80 लोकल सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। कई सेवाएं 90 मिनट तक देरी से चलीं, जिसका असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ा।
सुबह से शाम तक चली इस अव्यवस्था के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोकल ट्रेनें लंबे समय तक खड़ी रहीं। कुछ यात्रियों ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पटरियों के किनारे पैदल चलने का रास्ता चुना, जबकि अन्य यात्रियों ने बस, ऑटो और मेट्रो का सहारा लिया।
सुबह 9.23 बजे से शुरू हुई परेशानी
सोमवार को सुबह करीब 9.23 बजे मुलुंड और ठाणे के बीच डाउन स्लो लाइन के ओवरहेड उपकरण (OHE) पर किसी अज्ञात स्रोत से आया एक तार लटका हुआ मिला। इसके लगभग 10 मिनट बाद, सुबह 9.33 बजे, कांजुरमार्ग स्थित सिग्नलिंग हट में आग लगने से सिग्नलिंग व्यवस्था प्रभावित हो गई।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला के मुताबिक, विक्रोली और भांडुप के बीच सभी छह लाइनों पर लगभग 24 सिग्नल बंद हो गए थे। सिग्नलिंग व्यवस्था प्रभावित होने के कारण ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ और देरी का असर धीरे-धीरे दूसरे हिस्सों तक फैलता गया।
80 लोकल रद्द, लंबी दूरी की ट्रेनें भी प्रभावित
सेवाएं बाधित होने के कारण मध्य रेलवे की मेन लाइन पर 60 और हार्बर लाइन पर 20 लोकल ट्रेनें रद्द की गईं। जो ट्रेनें चलीं, उनमें से कई अपने निर्धारित समय से 70 से 90 मिनट तक पीछे रहीं।स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और अन्य दैनिक यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। कुछ कॉलेजों में आंतरिक सेमेस्टर परीक्षाओं पर भी असर पड़ा। विद्यार्थियों को समय पर पहुंचने में कठिनाई होने के बाद कुछ कॉलेजों ने परीक्षाओं का समय बदल दिया।
रेल पटरियों पर तीन लोगों की मौत की खबर
रेल सेवा में व्यवधान के बीच सोमवार को तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई। भांडुप स्टेशन पर पटरी पार करते समय मुलुंड निवासी 21 वर्षीय साहिल थिटे लोकल ट्रेन की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।इसके अलावा, सोमवार को अन्य दो लोगों के शव मिलने की ख़बर है। हालांकि, इन दो लोगों के मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई।
शाम 7.35 बजे सिग्नल बहाल, लेकिन देरी जारी
मध्य रेलवे ने शाम करीब 7.35 बजे तक सभी प्रभावित सिग्नल बहाल कर दिए थे। हालांकि, दिनभर जमा हुई देरी और ट्रेनों के परिचालन क्रम में बदलाव के कारण सेवाएं देर रात तक प्रभावित रहीं।
यात्रियों के लिए क्या है अहम?
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सिग्नलिंग और ओवरहेड उपकरणों में आई तकनीकी खराबी का असर केवल एक स्टेशन या एक ट्रेन तक सीमित नहीं रहता। व्यस्त उपनगरीय नेटवर्क में एक स्थान पर परिचालन बाधित होने से कई लाइनों पर ट्रेनों का समय बिगड़ सकता है।यात्रियों को ऐसी स्थिति में यात्रा शुरू करने से पहले मध्य रेलवे की आधिकारिक सूचना, स्टेशन घोषणाओं और उपलब्ध लाइव ट्रेन अपडेट की जांच करनी चाहिए। पटरियों पर चलकर दूसरे प्लेटफॉर्म या स्टेशन तक पहुंचने का प्रयास जोखिम भरा है। यात्रियों को रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

