- Lalbaugcha Raja Visarjan Delayed by 35 Hours, Devotees Emotional | Mumbai Ganesh Festival
- The famous Lalbaugcha Raja in Mumbai was finally immersed after a 35-hour delay due to technical and natural obstacles. Devotees and mandal workers were deeply emotional as the idol was given a final farewell in the deep sea at Girgaon.
प्रीती पांडेय, नारद वार्ता संवाददाता मुंबई:
मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा का इस साल का विसर्जन तकनीकी और प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद 35 घंटे बाद आखिरकार सम्पन्न हुआ। गिरगांव के गहरे समुद्र में भगवान गणेश को अंतिम विदाई देने के लिए भक्त और मंडल कार्यकर्ता भावुक नजर आए।
22 घंटे की शोभायात्रा के बाद चुनौती
लालबागचा राजा की 22 घंटे लंबी शोभायात्रा के बाद वह सुबह 8 बजे गिरगांव चौपाटी पहुंचे। राजा को बेड़ा पर बिठाकर आरती करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और बढ़ते हाइटाइड के कारण यह संभव नहीं हो सका। नया बेड़ा होने और पानी का स्तर बढ़ने से बेड़ा स्थिर नहीं रह सका। लगभग दो घंटे तक बप्पा को बेड़ा पर बिठाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। देर रात समुद्र में पानी कम होने के बाद राजा को बेड़ा पर सुरक्षित रूप से बिठाया गया।
विसर्जन का क्षण
बप्पा को बेड़ा पर बिठाने के बाद श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’ और ही शान कोनाची, लालबागचा राजाची’ के जयकारों के साथ विसर्जन का इंतजार किया। रात 8:10 बजे राजा की आरती हुई। इसके बाद, भक्तों की भावभीनी उपस्थिति के बीच लालबागचा राजा का विसर्जन गहरे समुद्र में किया गया।-
भावुक श्रद्धालु और मंडल कार्यकर्ता
पूरे दिन हजारों श्रद्धालु और मंडल कार्यकर्ता लालबागचा राजा को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहे। 35 घंटे की प्रतीक्षा और बाधाओं के बावजूद उनका उत्साह कम नहीं हुआ। इस अवसर ने भक्ति और श्रद्धा का अनुपम अनुभव उपस्थित सभी को दिया।
मुख्य बातें
तकनीकी और प्राकृतिक बाधाओं के कारण विसर्जन में 35 घंटे की देरी।
22 घंटे की शोभायात्रा के बाद गिरगांव चौपाटी पर पहुंचे राजा।
हाइटाइड और नए बेड़े के कारण आरंभ में विसर्जन संभव नहीं था।
रात 8:10 बजे आरती के बाद सफलतापूर्वक समुद्र में विसर्जन।
श्रद्धालु और मंडल कार्यकर्ता भावुक और उत्साहित।-

