तेरही भोज की जगह जरूरतमंद परिवार को घर देने का संकल्प
- उत्तर भारतीय समाज में हो रही है बीजेपी के नेता कृपा शंकर सिंह की पहल की सराहना
Narad Varta, नारद वार्ता संवाददाता, मुंबई / जौनपुर: उत्तर भारतीय समाज में एक नई सामाजिक पहल की शुरुआत हुई है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने अपने भतीजे स्व. गयाप्रसाद सिंह की तेरही के अवसर पर एक अनोखी पहल करते हुए पारंपरिक बड़े भोज के बजाय एक जरूरतमंद परिवार के लिए घर निर्माण कराने का संकल्प लिया है।
कृपाशंकर सिंह ने तेरही भोज में सैकड़ों लोगों को आमंत्रित करने के बजाय केवल 13 लोगों को भोजन कराने का निर्णय लिया। साथ ही, उन्होंने तेरही के पारंपरिक भोज पर खर्च करने के बजाय दरबारी कंहार नामक जरूरतमंद परिवार के लिए घर बनवाने का संकल्प लिया है। उत्तर भारतीय समाज में इस नई सोच की जमकर सराहना हो रही है। सामाजिक कार्यों में सक्रिय कृपाशंकर सिंह के इस निर्णय को एक क्रांतिकारी पहल बताया जा रहा है, जो समाज में तेरही भोज पर होने वाले अनावश्यक खर्च को सही दिशा में लगाने की प्रेरणा देगा।
जौनपुर संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार रहे कृपाशंकर सिंह के भतीजे गयाप्रसाद सिंह का 25 जनवरी को निधन हुआ था। उनके दशगात्र का आयोजन 3 फरवरी को और एकादशाह 4 फरवरी को होगा। तेरही के दिन पारंपरिक भोज की जगह उन्होंने अपने भतीजे की स्मृति में गरीब परिवार के लिए घर बनवाने का निर्णय लेकर एक नई सामाजिक परंपरा की नींव रखी है। इस पहल की उत्तर प्रदेश से लेकर मुंबई तक सराहना की जा रही है और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है।