
प्रवेश कुमार पांडेय, जौनपुर / वाराणसी:
योगी सरकार के सुशासन मॉडल की पूर्वांचल में चर्चा तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास, गरीब कल्याण और धार्मिक पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की नीतियां एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। महाराष्ट्र में फिल्मसिटी के उपाध्यक्ष रह चुके भाजपा नेता एवं मुंबई भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्षहै अमरजीत मिश्र ने योगी सरकार के कार्यकाल को सुशासन, कानून के राज और गरीब कल्याण का नया मॉडल बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों के मन में सुरक्षा और शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री सर्वे-2026 में योगी आदित्यनाथ को सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई देते हुए अमरजीत मिश्र ने कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान हुए बदलाव और जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। उनके अनुसार, अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस, कानून के दायरे में सभी को लाने की नीति और विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने की इच्छाशक्ति ने प्रदेश की पहचान बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अमरजीत मिश्र सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह पिछले करीब एक महीने से वाराणसी, भदोही, जौनपुर और मिर्जापुर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास कर रहे हैं। इस दौरान वह जनसामान्य के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, सुशासन और जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी पहुंचा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था को बताया विकास की पहली शर्त
अमरजीत मिश्र ने कहा कि किसी भी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए सुरक्षित वातावरण सबसे जरूरी है। जब आम नागरिक बिना भय के अपना कारोबार कर सके, महिलाएं सुरक्षित महसूस करें, युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले और व्यापारियों को कानून पर भरोसा हो, तभी विकास की मजबूत नींव तैयार होती है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान पहले अपराध, माफियाराज और अव्यवस्था से जोड़कर देखी जाती थी, लेकिन अब प्रदेश को बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश, धार्मिक पर्यटन और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए भी पहचाना जा रहा है।
उनका कहना था कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में आना होगा। सरकार की इस कार्यशैली से आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाने में मदद मिली है।
एक्सप्रेस-वे और धार्मिक पर्यटन से बदल रही पूर्वांचल की तस्वीर
अमरजीत मिश्र ने उत्तर प्रदेश के विकास में सड़क, हवाई और औद्योगिक कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे का विस्तार प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों को आर्थिक गतिविधियों की मुख्यधारा से जोड़ रहा है।पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, परिवहन, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।उन्होंने काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों के विकास को भी प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके अनुसार, धार्मिक पर्यटन का विस्तार केवल मंदिरों और तीर्थस्थलों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार, हस्तशिल्प, छोटे दुकानदारों और सेवा क्षेत्र को भी अवसर मिलते हैं।काशी जैसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के विकास का लाभ आसपास के क्षेत्रों को भी मिल सकता है। इससे पूर्वांचल में पर्यटन आधारित रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई संभावनाएं मिलती हैं।
गरीब कल्याण की योजनाओं को बताया विकास की असली कसौटी
भाजपा नेता ने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ केवल बड़ी सड़कें, इमारतें और औद्योगिक परियोजनाएं तैयार करना नहीं है। विकास की सबसे महत्वपूर्ण कसौटी यह है कि उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आवास, शौचालय, राशन, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है।मिश्र के अनुसार, इन योजनाओं से गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं पैदा हुई हैं। उनका कहना था कि सुशासन का उद्देश्य केवल प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि आम आदमी के जीवन को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाना भी है।
मुख्यमंत्री सर्वे-2026 में योगी आदित्यनाथ को सर्वश्रेष्ठ चुने जाने पर दी बधाई
मुख्यमंत्री सर्वे-2026 में योगी आदित्यनाथ को देश का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने जाने पर अमरजीत मिश्र ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रियों के मूल्यांकन में सुशासन, कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक छवि, कार्यक्षमता, लोकप्रियता, दूरदर्शिता और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता जैसे मानकों को महत्वपूर्ण माना गया।उन्होंने इस उपलब्धि को उत्तर प्रदेश की बदलती प्रशासनिक और राजनीतिक छवि से जोड़ते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व प्रदेश में विकास और प्रशासनिक निर्णयों के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है।
जनता के अनुभव पर निर्भर होगा भविष्य का राजनीतिक जनादेश
आगामी राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए अमरजीत मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने पिछले वर्षों में शासन और प्रशासन के अलग-अलग अनुभव देखे हैं। उनके अनुसार, जनता अब सुरक्षा, सुशासन और विकास को प्राथमिकता देने वाले नेतृत्व को महत्व दे रही है।उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा को भविष्य में भी जनता का समर्थन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीति में केवल आरोप-प्रत्यारोप से किसी सरकार का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता, बल्कि जनता के रोजमर्रा के अनुभव और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अधिक महत्वपूर्ण होता है।
अमरजीत मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक हो सकती है। इसके लिए प्रदेश में कानून का राज, बेहतर आधारभूत संरचना, रोजगार के अवसर और गरीब कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भयमुक्त समाज, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और विकास के समान अवसर ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान बनने चाहिए।