दिल्ली चुनाव: एग्जिट पोल में दिखा ‘मोदी मैजिक’, केजरीवाल सरकार बनाने से चूके!
Narad Varta, नारद वार्ता संवाददाता, मुंबई: दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर बुधवार को हुए मतदान के बाद सभी 699 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। मतदान समाप्त होते ही विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल सामने आए, जिनके अनुसार दिल्ली में बड़ा उलटफेर होने के आसार हैं। इस बार ‘मोदी मैजिक’ के चलते भाजपा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, जबकि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) सत्ता से बाहर हो सकती है।
एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त, ‘आप’ को झटका
विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल्स के अनुमान के अनुसार, दिल्ली में भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि ‘आप’ को बड़ा झटका लग सकता है। मुख्य एग्जिट पोल्स के आंकड़े इस प्रकार हैं: –
मैटराइज एग्जिट पोल – भाजपा 35-40 सीटों के साथ सरकार बना सकती है, जबकि ‘आप’ को 32-37 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस 1 सीट पर सिमट सकती है। –
जेवीसी एग्जिट पोल – भाजपा को 39-45, ‘आप’ को 22-31 और कांग्रेस को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान।
चाणक्य स्ट्रैटेजीज एग्जिट पोल – भाजपा 39-44, ‘आप’ 25-28, कांग्रेस 2-3 सीटों पर सिमट सकती है।
पीपल्स पल्स एग्जिट पोल – भाजपा को 51-60 सीटों का प्रचंड बहुमत, जबकि ‘आप’ को 10-19 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाएगी।
पीपल्स इनसाइट एग्जिट पोल – भाजपा को 40-44, ‘आप’ को 25-29 और कांग्रेस को 0-1 सीट मिलने का अनुमान।
पोल डायरी एग्जिट पोल – भाजपा को 42-50, ‘आप’ को 18-25 और कांग्रेस को 0-2 सीटें मिलने की संभावना।
-पी-मार्क एग्जिट पोल– भाजपा 39-49, ‘आप’ 21-31, कांग्रेस 0-1 सीट।
वी-प्रीसाइड एग्जिट पोल – भाजपा 18-23, ‘आप’ 46-52, कांग्रेस 0-1 सीट।
दिल्ली में किसकी बनेगी सरकार?
दिल्ली विधानसभा की कुल 70 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 36 है। यानी सरकार बनाने के लिए कम से कम 36 सीटें जीतनी जरूरी हैं। हालांकि, एग्जिट पोल के ये आंकड़े अंतिम नतीजे नहीं हैं। दिल्ली चुनाव के आधिकारिक परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद साफ हो जाएगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनेगी।
‘आप’ के लिए बड़ा झटका?
अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं, तो यह अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका होगा। ‘आप’ को 2015 और 2020 में भारी जनसमर्थन मिला था, लेकिन इस बार भाजपा को मजबूत स्थिति में दिखाया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के लिए भी स्थिति निराशाजनक ही नजर आ रही है, क्योंकि अधिकांश पोल में उसे 0-2 सीटों तक सीमित बताया गया है।